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Gandhi Smriti and Darshan Samiti

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जहाँ धर्म नहीं, वहां विद्या, लक्ष्मी. स्वास्थ्य आदि का भी अभाव होता है. धर्मरहित स्थिति में बिलकुल शुष्कता होती है, शून्यता होती है. - महात्मा गाँधी
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कार्यक्रम

गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति के कार्यक्रम:

समिति का मुख्य उद्देश्य महात्मा गांधी के जीवन दर्शन का प्रचार प्रसार है जिसके लिये वह नियमित रूप से सामाजिक, शैक्षणिक तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन करती है। महात्मा गांधी के नैतिक मूल्यों को समाज में व्यावहारिक रूप में प्रयोग में लाने के लिये समिति निरन्तर कार्यरत है।

समिति के प्रयासों में युवाओं को रचनात्मक कार्यो से जोड़ना, ताकि समाज की पुर्नरचना हो सके, प्राथमिकता की श्रेणी में है। गांधीजी लिखते है कि सेवा का क्षेत्र असीमित है। हमारी सेवा करने की क्षमता भी असीमित हो सकती क्योंकि आत्मा की क्षमता की कोई सीमा नहीं है। यदि हृदय के द्वार खुले हुए हों तो कुछ भी संभव है। थोड़ी सी सेवा का भी बहुत फल मिलता है। यही वह उद्देश्य है जिसके द्वारा समिति युवापीढ़ी को प्रेरित करने में चेष्टारत है। गांधीजी के अनुसार जब सेवा का क्षेत्र असीमित है तो सेवा करने की क्षमता भी असीमित होनी चाहिये।

युवाओं का मार्गदर्शन करते हुए हरिजन पत्रिका के 12 अप्रैल, 1942 के अंक में महात्मा गांधी कहते है रचनात्मक कार्यक्रमों को पूरी लगन और निष्ठा से कार्यान्वित करना ही अहिंसा के प्रतिपालन की सर्वश्रेष्ठ तैयारी है। जो भी यह सोचता है कि अंहिसा की शक्ति के व्यावहारिक प्रयोग की घड़ी में वह रचनात्मक कार्यक्रम के आधार के बिना सफल हो सकता है उसें कभी सफलता नहीं मिल सकती। यह तो ऐसा हो जाएगा मानो कोई भूखा-प्यासा कमज़ोर इन्सान किसी शक्तिशाली सिपाही का सामना करने की कोशिश करे, उसकी हार तो निश्चित ही है। रचनात्मक कार्यक्रम के विषय में गांधीजी ने 1922 में ही कहा था कि यह हमें शान्त और दृढ़ बनाएगा, हमारी कार्यक्षमता को शक्ति देगा, हमें परिश्रमी बनाएगा और हमारी उग्रता को भी नियन्त्रित करेगा।

इस पृष्ठ भूमि में 21वीं सदी को ध्यान में रखते हुए समिति ने समाज के विभिन्न वर्गों के लिये विविध कार्यक्रम तैयार किये हैं। युवाओं बच्चों तथा महिलाओं पर केन्द्रित इन कार्यक्रमों का मुख्य ध्येय सर्वांगीण विकास है। बापू के विचारों के प्रतिपालन के लिये समिति की प्रत्येक गतिविधि समर्पित है।
समिति वर्ष भर स्थानीय तथा प्रान्तीय स्तर पर नियमित रूप से शैक्षणिक सांस्कृतिक तथा सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन करती है जिनमें प्रदर्शनी, कार्यशाला, विचार-गोष्ठी, विचार-विनिमय आदि होते हैं।
विद्यालयों तथा महाविद्यालयों में महात्मा गांधी के जीवन-दर्शन से बच्चों का परिचय करवाने के लिये विविध कार्यक्रम तथा प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है।


Sublinks
  • गांधी को विद्यालयों तक ले जाना