गांधी स्मृति

गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति का गठन 1984 में राजघाट स्थित गांधी दर्शन एवं 5, तीस जनवरी मार्ग स्थित गांधी स्मृति के विलय द्वारा 1984 में एक स्वायत्त निकाय के रूप में हुआ था और यह भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के रचनात्मक सुझाव और वित्तीय सहायता के तहत कार्यशील है। भारत के प्रधानमंत्री इसके अध्यक्ष है और इसके पास वरिष्ठ गांधीवादियों एवं सरकार के विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों का एक मनोनीत निकाय है जो इसे इसकी गतिविधियों के लिए दिशा निर्देश देते हैं। समिति का
मूलभूत उद्देश्य और लक्ष्य विभिन्न सामाजिक-शैक्षणिक तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिये महात्मा गांधी के जीवन, मिशन एवं विचारों को प्रचारित करना है।

समिति के दो परिसर है