15 जनवरी

गांधीजी ने जवाहरलाल, पं. सुन्दरलाल, गोस्वामी गणेश दत्त, वी. टी. कृष्णमाचारी, कस्तूरभाई लालभाई शाह, शंकरराव देव, आचार्य जुगल किशोर, वी. जी. खेर, देवासके महाराजा, राजेन्द्र प्रसाद, शाह नवाज खाँ, जयरामदास दौलतराम, षणमुखम् चेट्टी और के. सी. नियोगीसे भेंट की। उपवासके तीसरे दिन गांधीजी काफी कमजोर हो गये और उन्हें आराम कुर्सी पर उठाकर ले जाना पड़ा। खाट पर लेटे-लेटे माइक्रोफोन पर थौड़ा-बहुत बोले; पत्रकारों द्वारा पूछे गये प्रश्नोंसे सम्बन्धित उनका बोलकर लिखाया गया भाषण पढ़कर सुनाया गया। पाकिस्तानके साथ सद्भावनाका प्रदर्शन करते हुए भारत सरकारने बकाया रकमके भुगतानसे सम्बन्धित पाकिस्तानके साथ वित्तीय समझौतेके कार्यान्वयनकी घोषणा की। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषदमें कश्मीर मामलेपर बहस शुरू हुई।